
मिश्री से भी मीठा नाम तेरा: भजन (Mishri Se Bhi Meetha Naam Tera)
मिश्री से भी मीठा नाम तेरा, तेरा जी मैया, ऊँचे पहाड़ो पर डेरा डेरा जी, तेरा मंदर सुनहरी शेरावालिये ॥ तेरे दर्श से माँ अमृत

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा, तेरा जी मैया, ऊँचे पहाड़ो पर डेरा डेरा जी, तेरा मंदर सुनहरी शेरावालिये ॥ तेरे दर्श से माँ अमृत

झूमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे, गोरा गाल पे रे, लम्बा बाल पे रे, झुमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे ॥

माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है, माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है, सही है सही है सही है सही, तू करुणामयी

धूम मची है धूम माँ के दर, धूम मची है धूम ॥ श्लोक – कहीं न चैन मिला, जब हमको इस ज़माने में, तो बड़ा

लाली लाली लाल चुनरियाँ, कैसे ना माँ को भाए ॥ माई मेरी सूचियाँ जोतावाली माता तेरी सदा ही जय, माई मेरी उँचियाँ पहाड़ावाली माता, तेरी

उंचिया पहाड़ा वाली माँ, हो अम्बे रानी, थोड़ी सी मैहर कर दे, कितनी उम्मीदे लाया, कितने ही सपने, थोड़ी सी मैहर कर दे ॥ उंचिया

सुनके भक्तो की पुकार, होके नंदी पे सवार, काशी नगरी से, आए है शिव शम्भू, सुनके भक्तो की पुकार ॥ भस्मी रमाए देखो, डमरू बजाए,
