
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी – भजन (Sita Ram Ji Ke Aarti Utaru Ae Sakhi)
सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी केकरा के राम बबुआ केकरा के लछुमन केकरा के भरत भुवाल ए सखी सीता राम जी के

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी केकरा के राम बबुआ केकरा के लछुमन केकरा के भरत भुवाल ए सखी सीता राम जी के

हर घडी भोले दिल में, रहा कीजिये, चरणों में प्रभु जी, जगह दीजिये, हर घड़ी भोले दिल में, रहा कीजिये ॥ जो भी शरण में

कर दो दुखियो का दुःख दूर, ओ बाघम्बर वाले, कर दो प्रभुजी बेड़ा पार, ओ शिव शंकर भोले ॥ कोई चढ़ावे शिव जी जल की

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा, भक्तां लाडीला महाकाल जी ने, खम्मा रे खम्मा, खम्मा रे खम्मा घणी रे खम्मा, म्हारां उज्जैन का

शिव के रूप में आप विराजे, भोला शंकर नाथ जी ॥ श्लोक – सौराष्ट्रे सोमनाथं च, श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्, उज्जयिन्यां महाकाल, ओमकारम ममलेश्वरम्। परल्यां वैजनाथं च,

हे शिव भोले मुझ पर, दो ऐसा रंग चढ़ाय, रोम रोम मेरा शिव बोले, मन बोले नमः शिवाय ॥ हे शिव शंकर हे करुणाकर, हे

भजन करो मित्र मिला, आश्रम नरतन का । श्वास की सुमिरिनी है, मन को बना मनका ॥ भजन करो मित्र मिला, आश्रम नरतन का ।
