
जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे: भजन (Jo Shiv Naam Hothon Pe Chadh Gayo Re)
जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे, तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥ मन में बसा ले तू शिव का शिवाला, साथ

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे, तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥ मन में बसा ले तू शिव का शिवाला, साथ

शिवरात्रि, सावन के सोमवार, सोमवर, सोलह सोमवर, काँवड़, सावन के महिने मे अत्यधिक प्रयोग मे आने वाले शिव, शंकर, भोले, भोलेनाथ, महादेव एवं महाकाल के

श्री राम धुन में मन तू, जब तक मगन ना होगा, भव जाल छूटने का, तब तक जतन ना होगा ॥ व्यापार धन कमाकर, तू

राख शरण गिरधारी साँवरे, मैं बिना मोल को चेरो, हरी मैं जैसो तेसो तेरो, श्याम मैं जैसो तेसो तेरो ॥ आप ठुकराओगे तो प्यारे, हम

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी नर तन बार बार नहीं मिलता अब ना बानी तो फिर ना बनेगी नर तन बार बार नहीं

तृष्णा ना जाये मन से ॥ दोहा – मथुरा वृन्दावन सघन, और यमुना के तीर, धन्य धन्य माटी सुघर, धन्य कालिंदी नीर ॥ कृष्णा बोलो

हर बात को भूलो मगर, माँ बाप मत भूलना, उपकार इनके लाखों है, इस बात को मत भूलना ॥ धरती पर देवो को पूजा, भगवान
