
हे शिवशंकर, हे करुणाकर – भजन (Hey Shivshankar Hey Karunakar)
हे शिवशंकर हे करुणाकर, हे परमेश्वर परमपिता हर हर भोले नमः शिवाय, नमः शिवाय ओम नमः शिवाय हे शिव शम्भू संकटहर्ता, विघ्नविनाशी मंगलकर्ता जिस पर

हे शिवशंकर हे करुणाकर, हे परमेश्वर परमपिता हर हर भोले नमः शिवाय, नमः शिवाय ओम नमः शिवाय हे शिव शम्भू संकटहर्ता, विघ्नविनाशी मंगलकर्ता जिस पर

जिनके हृदय हरि नाम बसे, तिन और का नाम लिया ना लिया । जिनके हृदय हरि नाम बसे, जिन के द्वारे पर गंग बहे, जिन

राम सीता और लखन वन जा रहे, हाय अयोध्या में अँधेरे छा रहे, राम सीता और लखन वन जा रहे ॥ मुर्ख कैकई ने किया

अभयदान दीजै दयालु प्रभु, सकल सृष्टि के हितकारी । भोलेनाथ भक्त-दु:खगंजन, भवभंजन शुभ सुखकारी ॥ दीनदयालु कृपालु कालरिपु, अलखनिरंजन शिव योगी । मंगल रूप अनूप

भोले दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज रज के, हो सारीया ने सारीया ने, सारीया ने भगत पियारिया ने, भोलें

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी केकरा के राम बबुआ केकरा के लछुमन केकरा के भरत भुवाल ए सखी सीता राम जी के

भोले की किरपा से हमरे, ठाठ निराले है, हम बाबा वाले है, सुनो जी हम बाबा वाले है ॥ भोले के चलते भक्तों, पहचान बनी
