
तेरे दर जबसे ओ भोले, आना जाना हो गया: भजन (Tere Dar Jab Se O Bhole Aana Jana Ho Gaya)
तेरे दर जबसे ओ भोले, आना जाना हो गया, आना जाना हो गया मेरा, आना जाना हो गया, मिल गई खुशियां सभी मेरा, तू खजाना

तेरे दर जबसे ओ भोले, आना जाना हो गया, आना जाना हो गया मेरा, आना जाना हो गया, मिल गई खुशियां सभी मेरा, तू खजाना

तेरे नाम का दीवाना, तेरे द्वार पे आ गया है, जग से हार करके, तेरे पास आ गया है, तेरे नाम का दिवाना, तेरे द्वार

चलो चलिए माँ के धाम, मैया ने बुलाया है, आया खुशियों का पैगाम, मैया ने बुलाया है, बुलावा आया है, संदेसा आया है, आई चिट्ठी

नदी को भारत मे माँ का सम्मान दिया गया है, तथा नर्मदा नदी को माँ रेवा के रूप में भी जाना जाता है। यह मध्य-भारत

भक्ति का दीप मन में जलाये रखना, प्रभु चरणों में मुझको बिठाये रखना, भक्ति का दीप मन में जलाए रखना ॥ मेरे नैनो को दर्शन

ऊँ शिव गोरक्ष योगी गंगे हर-नर्मदे हर, जटाशङ़्करी हर ऊँ नमो पार्वती पतये हर, बोलिये श्री शम्भू जती गुरु गोरक्षनाथ महाराज की जय, माया स्वरूपी

आंख फरुके बोले कागलियो, म्हारो हरसे छे हिवड़ो आज, सांवरियो आवेलो, म्हारो हरसे छे हिवड़ो आज, सांवरियो आवैलो, आंख फरुके बोले कागलियो ॥ मनड़े रो
