
राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई – भजन (Ram Navmi Suhani Manbhavni Ram Ji Ko Sang Leke Aayi)
राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई, राम जनम पर धरती को अम्बर, राम जनम पर धरती को अम्बर, भेजे रे

राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई, राम जनम पर धरती को अम्बर, राम जनम पर धरती को अम्बर, भेजे रे

राम भक्त ले चला रे, राम की निशानी ॥ चौपाई – प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि, सादर भरत शीश धरी लीन्ही ॥ राम भक्त ले

दूल्हा बने भोलेनाथ जी हमारे, चली बारात गौरा जी के द्वारे, इस दूल्हे पे जग है दीवाना, दीवाना, दूल्हा बने भोलेंनाथ जी हमारे, चली बारात

सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता, तुम प्रेम से माँ को मनाओ, आज है जगराता ॥ जगराते में देखो गणपति आए है, संग

श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है, मंदिर बनेगा रास्ता, आसान हो गया, श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है ॥

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी, किस जगह तेरा जलवा नहीं है, तेरा जलवा कोई कोई देखे, हर किसी का मुकद्दर नहीं है, तेरा जलवा जलवा

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्, गोविन्दं भज मूढ़मते। संप्राप्ते सन्निहिते काले, न हि न हि रक्षति डुकृञ् करणे॥१॥ मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णाम्, कुरु सद्बुद्धिमं मनसि वितृष्णाम्। यल्लभसे
