सब मिल कर मंगल गाओ,
आज है जगराता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
जगराते में देखो गणपति आए है,
संग वो अपने रिद्धि सिद्धि को लाए है,
जिन्हे देख के मन मेरा है हरषाता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
जगराते में देखो मोहन आए है,
संग वो अपने राधा को भी लाए है,
रूप मोहना इनका सबको है भाता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
जगराते में ब्रह्मा विष्णु आए है,
संग अपने शिव शंकर को भी लाए है,
इनके चरणों का यश देखो जग गाता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
सब मिल कर मंगल गाओ,
आज है जगराता,
तुम प्रेम से माँ को मनाओ,
आज है जगराता ॥
समराथल पर गंगा का आगमन ........ समराथल कथा भाग 12
रखवाला प्रतिपाला, मेरा लाल लंगोटे वाला: भजन (Rakhwala Pratipala Mera Lal Langote Wala)
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








