
दे प्रभो वरदान ऐसा: प्रार्थना (De Prabhu Vardan Yesa: Prarthana)
दे प्रभो वरदान ऐसा, दे विभो वरदान ऐसा । भूल जाऊं भेद सब, अपना पराया मान तैसा ॥ मुक्त होऊं बन्धनों से, मोह माया पाश

दे प्रभो वरदान ऐसा, दे विभो वरदान ऐसा । भूल जाऊं भेद सब, अपना पराया मान तैसा ॥ मुक्त होऊं बन्धनों से, मोह माया पाश

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए, भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए, भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए । सखी एक बोली मैया बाहर पधारो

भक्ति की झंकार उर के, तारों में कर्त्तार भर दो । भक्ति की झंकार उर के, तारों में कर्त्तार भर दो ॥ लौट जाए स्वार्थ,

इस योग्य हम कहाँ हैं इस योग्य हम कहाँ हैं, गुरुवर तुम्हें रिझायें । फिर भी मना रहे हैं, शायद तु मान जाये ॥ जब

विधाता तू हमारा है, तू ही विज्ञान दाता है । बिना तेरी दया कोई, नहीं आनन्द पाता है ॥ तितिक्षा को कसौटी से, जिसे तू

हो जो नजरे करम आपकी, फिर नहीं डर है संसार की, एक नजर दास पर हो कभी, एक नजर दास पर हो कभी, फिर नहीं

वृंदावन जाने को जी चाहता है, राधे राधे गाने को जी चाहता है । वृदावन मेरे बांके बिहारी, बांके बिहारी की लीला है न्यारी, ये
