हो जो नजरे करम आपकी – भजन (Ho Jo Najre Karam Aapki)

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हो जो नजरे करम आपकी,
फिर नहीं डर है संसार की,
एक नजर दास पर हो कभी,
एक नजर दास पर हो कभी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥

कोई दाता है तुझसा नहीं,
दिन मुझसा है कोई नहीं,
अब तो तेरे सिवा इस जहाँ में,
है किसी पर भरोसा नही,
तेरे हाथों में है जिन्दगी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥

चाहे कितना भी करके जतन,
कोई भी साथ जाता नहीं,
मौत जब सामने होगी तेरे,
कोई भी रोक पाता नहीं,
गर हो सच्ची तेरी बंदगी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥

कल पे बातों ना छोड़ो ‘फणि’,
कल पे कुछ जोर चलता नहीं,
वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा,
माँगने पे भी मिलता नहीं,
है ये जीवन बड़ा कीमती,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥

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हो जो नजरे करम आपकी,
फिर नहीं डर है संसार की,
एक नजर दास पर हो कभी,
एक नजर दास पर हो कभी,
फिर नहीं डर है संसार की,
हो जो नजरें करम आपकी ॥

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Sandeep Bishnoi

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