ये मैया मेरी है,
सबसे बोल देंगे हम,
तोड़ के दुनिया से नाता,
माँ तुमसे जोड़ लेंगे हम,
ये मैया मेरी हैं,
सबसे बोल देंगे हम ॥
तुम्हारा ही भरोसा है,
तुम्हारा ही सहारा है,
मेरी आँखो के आगे माँ,
बस तेरा ही नजारा है,
एक यही विनती है,
पास रखना मैया हरदम,
ये मैया मेरी हैं,
सबसे बोल देंगे हम ॥
जो कुछ भी पास है मेरे,
तुम्हारी है मेहरबानी,
तुम्हारी ही दया से माँ,
चले मेरा दानापानी,
मुझे भी अपना लो,
सफल हो जायेगा जनम,
ये मैया मेरी हैं,
सबसे बोल देंगे हम ॥
सभी है बेटे माँ तेरे,
हमें इकबार कह दे तू,
‘श्याम’ को लेकर गोदी में,
थोड़ा सा प्यार करले तू,
अगर माँ मिल जाये,
जमाना छोड़ देंगे हम,
ये मैया मेरी हैं,
सबसे बोल देंगे हम ॥
ये मैया मेरी है,
सबसे बोल देंगे हम,
तोड़ के दुनिया से नाता,
माँ तुमसे जोड़ लेंगे हम,
ये मैया मेरी हैं,
सबसे बोल देंगे हम ॥
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2)
गाइये गणपति सुबहो शाम: भजन (Gaiye Ganpati Subaho Shaam)
भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन मन में रम जाए: भजन (Bhole Aisi Bhang Pila De Jo Tan Man Me Ram Jaye)
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








