हर भक्तों के दिल से निकले,
एक यही आवाज़,
ये बाबा बहुत बड़ा है,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥
बाबा की शक्ति ने देखों,
कैसा खेल रचाया,
बाबा की मस्ती ने हर एक,
दिल को दीवाना बनाया,
ब्रह्मा के वेदों से निकलें,
एक यही आवाज़,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥
ये सरकार अगर चाहे तो,
कुछ भी करके दिखा दे,
उठा सड़क से एक भिखारी,
राजा उसे बना दे,
नारद की वीणा से निकले,
एक यही आवाज़,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥
इंसा चाहे कुछ भी करले,
इनसे छुपा नहीं है,
‘बनवारी’ गर ये ना चाहे,
कुछ भी हुआ नहीं है,
शंकर के डमरू से निकले,
एक यही आवाज़,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥
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हर भक्तों के दिल से निकले,
एक यही आवाज़,
ये बाबा बहुत बड़ा है,
ये बाबा बहुत बड़ा हैं ॥








