तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ के अब तेरा साथ नहीं छूटे: भजन (Tune Sir Pe Dhara Jo Mere Hath Ke Ab Tera Sath Nahi Chute)

jambh bhakti logo

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
मेरा तुम पे रहे विश्वास,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
तूने सर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

इक दौर था वो जीवन का मेरे,
जब अपने किनारा कर बैठे,
कांधा भी ना था रोने को कोई,
देखे हैं समय ऐसे ऐसे,
फिर तुमसे हुई मुलाकात,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे
मेरा तुम पे रहे विश्वास,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
तूने सर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

तूफानों में कश्ती थी मेरी,
कहीं कोई किनारा ना सूझा,
फिर किसने निकाला तूफां से,
इक इक ने बाद में ये पूछा,
मैंने ले लिया तेरा नाम,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे
मेरा तुम पे रहे विश्वास,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
तूने सर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

अब तो बस एक तमन्ना है,
तेरे चरणों का मैं दास बनूँ,
नहीं चिंता कोई फ़िक्र हो मुझे,
‘हरी’ तेरी शरण में सदा रहूं,
रहे कृपा की बरसात,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे
मेरा तुम पे रहे विश्वास,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
तूने सर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

रामा रामा रटो, करो सफल उमरिया: भजन (Rama Rama Rato Karo Safal Umariya )

प्रीत मे पूजे नाम तुम्हारा: भजन (Preet Main Puje Naam Tumhara)

तू ही कन्हैया तू ही लखदातार है - भजन (Tu Hi Kanhaiya Tu Hi Lakhdatar Hai)

तूने सिर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
मेरा तुम पे रहे विश्वास,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे,
तूने सर पे धरा जो मेरे हाथ,
के अब तेरा साथ नहीं छूटे ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment