सुखी मेरा परिवार है, ये तेरा उपकार है: भजन (Sukhi Mera Parivar Hai Ye Tera Upakar Hai)

jambh bhakti logo

सुखी मेरा परिवार है,
ये तेरा उपकार है,
मेरे घर का एक एक पत्थर,
तेरा कर्जदार है ॥

देख गरीबी घबराए हम,
रहते थे परेशान जी,
किस्मत हमको लेके गई थी,
फिर मैया के धाम जी,
नजर पड़ी मेरी मैया की,
भरा पड़ा भंडार है,
मेरे घर का एक एक पत्थर,
तेरा कर्जदार है ॥

दबी पड़ी है झोपडी,
मैया के एहसान से,
भरी पड़ी है कुटिया मेरी,
बस माँ के सामान से,
जब भी माँगा मैया से,
किया नही इंकार है,
मेरे घर का एक एक पत्थर,
तेरा कर्जदार है ॥

जब जब संकट आता है,
माँ के आगे रोते है,
हम तो इसके भरोसे जी,
खुटी तान के सोते है,
हर पल करती रखवाली,
ये बनके पहरेदार है
मेरे घर का एक एक पत्थर,
तेरा कर्जदार है ॥

मैया जी का दिल देखा,
दिल की बड़ी दिलदार है,
इस परिवार को ये समझे,
खुद का ही परिवार है,
जान से ज्यादा ‘बनवारी’,
हमसे करती प्यार है,
मेरे घर का एक एक पत्थर,
तेरा कर्जदार है ॥

श्री सत्यनारायण जी आरती (Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti)

नंदभवन में उड़ रही धूल - भजन (Nand Bhavan Me Ud Rahi Dhul)

शिव भोला भंडारी: भजन (Shiv Bhola Bhandari)

सुखी मेरा परिवार है,
ये तेरा उपकार है,
मेरे घर का एक एक पत्थर,
तेरा कर्जदार है ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment