शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा – भजन (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

jambh bhakti logo

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा
काली घटा में चमके,
जैसे कोई सितारा ।

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा
काली घटा में चमके,
जैसे कोई सितारा ।

जय जय भोलेनाथ भंडारी,
जय जय नीलकंठ त्रिपुरारी ।

शेश नाग मस्तक पर सोहे,
गल मुंडन की माला मोहे,
नंदी गण गौरा संग साजे,
गणपति लाल दुलारा ।

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा
काली घटा में चमके,
जैसे कोई सितारा ।

जय जय भोलेनाथ भंडारी,
जय जय नीलकंठ त्रिपुरारी ।

योगनियाँ संग शोर मचावे,
तांडव नाच करे सब गावे,
हर हर महादेव पुकारे,
जय जय शिव ॐकारा,

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा
काली घटा में चमके,
जैसे कोई सितारा ।

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 6 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 6)

पूल्हाजी को स्वर्ग दिखाना

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे - भजन (Jo Karte Rahoge Bhajan Dhire Dhire)

जय जय भोलेनाथ भंडारी,
जय जय नीलकंठ त्रिपुरारी ।

आक धतूरा खाने वाले,
विष का प्याला पीने वाले,
विशवनाथ और अमरनाथ में,
मुक्ति का तेरा द्वारा ।

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा
काली घटा में चमके,
जैसे कोई सितारा ।

जय जय भोलेनाथ भंडारी,
जय जय नीलकंठ त्रिपुरारी ।

शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव आरती | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र | द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment