सवारिये ने भूलूं न एक घडी: भजन (Sanwariye Ne Bhule Naa Ek Ghadi)

jambh bhakti logo

पूरन ब्रह्म पूरन ज्ञान
है घाट माई, सो आयो रहा आनन्द
और सुनी मुनि जन, पढ़त वेद शास्त्र अंग
मारी जनम गोकुल मे घटे
मिटत सब दुःख दुःख
आज को आनंद आनंद आनंद
आज ही आनंद आनंद आनंद

मथुरा नगर मे, जनम पायो
हो मथुरा नगर मे, जनम पायो
हो खेलत खेले गोकुल री गली
सवारिये ने भूलूं न एक घडी
हो भूलूं न एक घडी, सवारिये भूलूं न एक घडी…

हो खेले गोकुल पूरी गली
सावरिये ने भूलूं न एक घडी
कृषण जी को भूलूं न एक घडी
हो भूलूं न एक घडी, सवारिये भूलूं न एक घडी..

मात यशोदा पालन हीडोले
हाथ मे रेशम री छड़ी
सावरिये ने भूलूं ने एक घडी
कृषण (कृष्णा) जी को भूलूं न एक घडी

कानु (कृष्णा) मारे जीव री झड़ी
सावरिये ने भूलूं ने एक घडी
कृषण जी को भूलूं न एक घडी

शिवाष्ट्कम्: जय शिवशंकर, जय गंगाधर.. पार्वती पति, हर हर शम्भो (Shivashtakam: Jai ShivShankar Jai Gangadhar, Parvati Pati Har Har Shambhu)

राजन के राजा महाराजन के महाराजा - शब्द कीर्तन (Rajan Ke Raja, Maharajan Ke Maharaja)

उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 2

मात यशोदा दहिड़ो बिलोवे
हो हाथ में माखन री डली
सावरिये ने भूलूं ने एक घडी
कृषण जी को भूलूं न एक घडी

मीरा के प्रभु गिरधर नागर
हो खोजो खोजो खबर बड़ी
बालुड़े ने भूलूं न एक घडी
कानु (कृष्णा) मारे जीव री झड़ी
सावरिये ने भूलूं ने एक घडी
कृषण जी को भूलूं न एक घडी

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment