सज धज बैठ्या दादीजी, लुन राई वारा: भजन (Saj Dhaj Baithya Dadi Ji Lunrai Vara)

jambh bhakti logo

सज धज बैठ्या दादीजी,
लुन राई वारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥

निरख निरख श्रृंगार मावड़ी,
मंद मंद मुस्कावे,
मंद मंद मुस्कावे,
कदे चुनड़ी कदे चुड़लो,
मेहंदी निरखती जावे,
मेहंदी निरखती जावे,
दर्शन कर दादीजी का,
वारि वारि जावा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥

नौलख हार गले में चमके,
चुड़लो दम दम दमके,
चुड़लो दम दम दमके,
कमर तागड़ी लड़ली लूमा,
पग पैजनिया खनके,
पग पैजनिया खनके,
‘प्रवीण’ सूरत माँ थारी,
मन में बसावा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥

सज धज बैठ्या दादीजी,
लुन राई वारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥

भज राधे गोविंदा रे पगले: भजन (Bhaj Radhe Govinda Re Pagle)

सोम प्रदोष व्रत कथा (Som Pradosh Vrat Katha)

शीश गंग अर्धंग पार्वती: भजन (Sheesh Gang Ardhang Parvati)

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment