सज धज बैठ्या दादीजी,
लुन राई वारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥
निरख निरख श्रृंगार मावड़ी,
मंद मंद मुस्कावे,
मंद मंद मुस्कावे,
कदे चुनड़ी कदे चुड़लो,
मेहंदी निरखती जावे,
मेहंदी निरखती जावे,
दर्शन कर दादीजी का,
वारि वारि जावा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥
नौलख हार गले में चमके,
चुड़लो दम दम दमके,
चुड़लो दम दम दमके,
कमर तागड़ी लड़ली लूमा,
पग पैजनिया खनके,
पग पैजनिया खनके,
‘प्रवीण’ सूरत माँ थारी,
मन में बसावा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥
सज धज बैठ्या दादीजी,
लुन राई वारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा,
निजरा उतारा माँ की,
निजरा उतारा ॥
श्री गंगा स्तोत्रम् (Maa Ganga Stortam)
गजानंद मैहर करो: भजन (Gajanand Mehar Karo)
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