छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
ऐसा राज्य छोड़ और दूजा कौन धियाएई
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
बिसुनाथ विश्वंभर बेदनाथ बालाकर
बिसुनाथ विश्वंभर बेदनाथ बालाकर
बाजीगरी बन धारी बंधन बथाईई।
गंगा की धारा का समराथल पर आगमन(Samrathl par Ganga ji)
जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले: भजन (Jay Bajrangi Bole Vo Kabhi Na Dole)
श्री गोवर्धन महाराज आरती (Shri Govardhan Maharaj)
निओली करम दूधाधारी बिद्याधर ब्रह्मचारी
ध्यान को लगवै नैक ध्यान हुन पाई।
ध्यान को लगवै नैक ध्यान हुन पाई।
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
ऐसा राज्य छोड़ दो और दूजा कौन धियाएई
ऐसा राज्य छोड़ दो और दूजा कौन धियाएई
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा








