मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥
धनि-धनि मात पिता सुत बन्धु,
धनि जननी जिन गोद खिलायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥
धनि-धनि चरण चलत तीरथ को,
धनि गुरु जिन हरिनाम सुनायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥
जे नर बिमुख भये गोविन्द सों,
जनम अनेक महा दुःख पायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥
‘श्री भट्ट’ के प्रभु दियो अभय पद,
यम डरप्यो जब दास कहायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥
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मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥
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