मेरी पूजा को सफल बनाओ,
तुम बनाओ,
गणराज गजानन आओ,
गणराज गजानन आओ ॥
खजराना से पधारो जी गजानन,
चिंतामन से पधारो जी गजानन,
रिद्धि सिद्धि को भी संग लाओ,
संग लाओ,
गणराज गजानन आओ,
मेरी पुजा को सफल बनाओ,
गणराज गजानन आओ ॥
माँ गौरा के प्यारे गजानन,
प्यारे गजानन दुलारे गजानन,
भोले शम्भू के लाडले कहाओ,
तुम कहाओ,
गणराज गजानन आओ,
मेरी पुजा को सफल बनाओ,
गणराज गजानन आओ ॥
धूप दीप नेवैद्य आरती,
झांझ मंजीरे से होवे आरती,
संग मोदक भोग लगाओ,
जी लगाओ,
गणराज गजानन आओ,
मेरी पुजा को सफल बनाओ,
गणराज गजानन आओ ॥
‘तिवारी’ तेरे चरणों मे गाये,
अर्जी ‘इन्दौरी’ की तुझको सुनाए,
भव से बेड़ा पार लगाओ,
तुम लगाओ,
गणराज गजानन आओ,
मेरी पुजा को सफल बनाओ,
गणराज गजानन आओ ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 34 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 34)
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मेरी पूजा को सफल बनाओ,
तुम बनाओ,
गणराज गजानन आओ,
गणराज गजानन आओ ॥








