माँ का नाम जपे जा हर पल: भजन (Maa Ka Naam Jape Ja Har Pal)

jambh bhakti logo

माँ का नाम जपे जा हर पल,
लागे ना कोई मोल रे,
जय माता दी बोल रे तू,
जय माता दी बोल रे ॥

माता रानी की मन्त्र जो जपते,
माँ को लगते प्यारे,
महारानी माँ वैष्णो का तू,
निशदिन ध्यान लगा ले,
मन की अंगूठी में तू जड़ ले,
ये हीरा अनमोल रे,
जय माता दी बोल रे तू,
जय माता दी बोल रे ॥

जिसने जो माँगा दे डाली,
ऐसी है माँ दानी,
इनसे ना कोई भेद छुपा है,
सबके मन की जानी,
सबकी नेकी बदिया रही माँ,
सच की तराजू तोल रे,
जय माता दी बोल रे तू,
जय माता दी बोल रे ॥

लाल चुनरिया ओढ़ के बैठी,
गुफा में पिंडी रानी है,
माँ की महिमा कैसे जाने,
हम मूरख अज्ञानी है,
यहाँ वहां मत ढूढ़ सरल तू,
भीतर अपने टटोल रे,
जय माता दी बोल रे तू,
जय माता दी बोल रे ॥

माँ का नाम जपे जा हर पल,
लागे ना कोई मोल रे,
जय माता दी बोल रे तू,
जय माता दी बोल रे ॥

जैसे तुम सीता के राम - भजन (Jaise Tum Sita Ke Ram)

यही रात अंतिम यही रात भारी: भजन (Yehi Raat Antim Yehi Raat Bhaari)

भागवत कथा प्रसंग: कुंती ने श्रीकृष्ण से दुख क्यों माँगा? (Kunti Ne Shrikrishna Se Upahar Mein Dukh Kyon Manga)

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment