भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,
चंग मजीरा बाजे आंगणे,
ओ म्हारे चंग मजीरा बाजे आंगणे ॥
चम चम चमकातो मुखडो,
काना में कुंडल हो,
काना में कुंडल हो,
हिवड़ो हरसायो म्हारो,
भला पधारया हो,
भला पधारया हो,
बिंदिया चमके माथा में,
चुड़लो खनके हाथां में,
अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे,
ओ दादी अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे ॥
गंगा जल झारी थारा,
चरण पखारा हो,
चरण पखारा हो,
उँचे सिंहासन बैठी,
आरती उतारा हो,
आरती उतारा हो,
मेहंदी लगावा थारे,
चुनड़ी ओढावा थाने,
फुलड़ा बरसे छे म्हारे आंगणे,
ओ दादी फुलड़ा बरसे छे म्हारे आंगणे ॥
जो थाने भावे मैया,
भोग लगावा हो,
भोग लगावा हो,
रूच रूच जिमो दादी जी,
परदो लगावा हो,
परदो लगावा हो,
भजन सुनावा थाने,
गाकर रिझावा थाने,
कीर्तन में देखण थाने आंगणे,
ओ दादी कीर्तन में देखण थाने आंगणे ॥
भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,
चंग मजीरा बाजे आंगणे,
ओ म्हारे चंग मजीरा बाजे आंगणे ॥
गणगौर व्रत कथा (Gangaur Vrat Katha)
भजन: बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया (Brindavan Ka Krishan Kanhaiya Sabki Aankhon Ka Tara)
अभयदान दीजै दयालु प्रभु - भजन (Abhaydan Deejai Dayalu Prabhu Shiv Aarti)
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








