कैंलाश शिखर से उतर कर: भजन (Kailash Shikhar Se Utar Kar)

jambh bhakti logo

कैलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,
आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,
मनभावन रूप ये धर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,
पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,
रिद्धि सिद्धि को साथ में ले कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

थाल तुम आरती का सजाओ सखी,
थाल तुम आरती का सजाओ सखी,
सभी मंगल गाओ मिल कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,
आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,
पाएंगे दर्शन जी भर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर,
कैंलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

पद्मिनी एकादशी व्रत कथा (Padmini Ekadashi Vrat Katha)

राम नवमी सुहानी मन भावनी, राम जी को संग लेके आई - भजन (Ram Navmi Suhani Manbhavni Ram Ji Ko Sang Leke Aayi)

कभी भूलू ना.. मेरे राधा रमण - भजन (Kabhi Bhoolun Na Radha Raman Mere)

कैलाश शिखर से उतर कर,
मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment