पकड़ लो हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे,
हमारा कुछ ना बिगड़ेगा,
तुम्हारी लाज जाएगी,
पकड़ लों हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे ॥
धरी है पाप की गठरी,
हमारे सर पे ये भारी,
वजन पापो का है भारी,
इसे कैसे उठाऐंगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे ॥
तुम्हारे ही भरोसे पर,
जमाना छोड़ बैठे है,
जमाने की तरफ देखो,
इसे कैसे निभाएंगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे ॥
दर्दे दिल की कहे किससे,
सहारा ना कोई देगा,
सुनोगे आप ही मोहन,
और किसको सुनाऐंगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे ॥
फसी है भवँर में नैया,
प्रभु अब डूब जाएगी,
खिवैया आप बन जाओ,
तो बेड़ा पार हो जाये,
पकड़ लों हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे ॥
श्री ललिता माता की आरती (Shri Lalita Mata Ki Aarti)
हाथ जोड़ विनती करू तो सुनियो चित्त लगाये - विनती भजन (Shyam Puspanjali Shri Khatu Shyamji Vinati)
एक तू ही है मेरा, बाकी सब है वहम: भजन (Ek Tu Hi Hai Mera Baki Sab Hai Veham)
पकड़ लो हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे,
हमारा कुछ ना बिगड़ेगा,
तुम्हारी लाज जाएगी,
पकड़ लों हाथ बनवारी,
नहीं तो डूब जाएंगे ॥








