बाबा की सवारी देखो आई रे,
भोले की सवारी देखो आई रे,
भक्तो में मस्ती देखो छाई रे,
बाबा की सवारी देखो आई रे ॥
दूर दूर से यात्री आवे,
अर्जी अपनी लगावे,
अर्जी अपनी लगाकर वो तो,
मन चाहा फल पावे,
भोले ने बिगड़ी बनाई रे,
बाबा की सवारी देखो आई रे,
भोले की सवारी देखों आई रे ॥
कोई बजावे झांझ मंजीरा,
ताशा और मृदंग,
रंग गुलाल अबीर में देखो,
मच रही है हुड़दंग,
महिमा भोले की सबने गाई रे,
महाकाल की सवारी देखो आई रे,
भोले की सवारी देखों आई रे ॥
शाही सवारी में बाबा के संग,
भूत प्रेत सब आवे,
बजरंग भेरू गणपति के संग,
हरसिद्धि माँ आवे,
कांवड़ ये सबने चढ़ाई रे,
बाबा की सवारी देखो आई रे,
महाकाल की सवारी देखो आई रे,
भोले की सवारी देखों आई रे ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2)
श्री मल्लिकार्जुन मंगलाशासनम् (Shri Mallikarjuna Mangalashasanam)
हम को मन की शक्ति देना - प्रार्थना (Hum Ko Mann Ki Shakti Dena)
बाबा की सवारी देखो आई रे,
भोले की सवारी देखो आई रे,
भक्तो में मस्ती देखो छाई रे,
बाबा की सवारी देखो आई रे ॥








