बम बाज रही भोले की, चारों दिशाएं: भजन (Bam Baj Rahe Bhole Ki Charo Dishaye)

jambh bhakti logo

बम बाज रही भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

अरे कौना ने बो दए धतूरा,
अरे कौना ने बो दई भंगिया,
बम बाज रहीं भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

मोरे भोला ने बो दए धतूरा,
गौरा रानी ने बो दई भंगिया,
बम बाज रहीं भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

अरे कौना ने सींचे धतूरा,
अरे कौना ने सींच दई भंगिया,
बम बाज रहीं भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

मोरे भोला ने सींचे धतूरा,
गौरा रानी ने सींच दई भंगिया,
बम बाज रहीं भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

अरे कौना ने खा लई धतूरा,
कौना ने पी लई भंगिया,
बम बाज रहीं भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

स्वस्ति: प्रजाभ्यः परिपालयंतां - लोकक्षेम मंत्र (Svasti Prajabhyah Paripalayantam)

बेगा सा पधारो जी, सभा में म्हारे आओ गणराज: भजन (Bega Sa Padharo Ji Sabha Mein Mhare Aao Ganraj)

चली जा रही है उमर धीरे धीरे - भजन (Chali Ja Rahi Hai Umar Dheere Dheere)

अरे नंदी ने खा लई धतूरा,
मोरे भोले ने पि लई भंगिया,
बम बाज रहीं भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

बम बाज रही भोले की,
चारों दिशाएं,
बम बाज रही ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment