
संसार के लोगों से आशा ना किया करना – भजन (Sansar Ke Logon Se Asha Na Kiya Karna)
संसार के लोगों से आशा ना किया करना, जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना । कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा जीवन के समुन्दर

संसार के लोगों से आशा ना किया करना, जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना । कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा जीवन के समुन्दर

महल को देख डरे सुदामा का रे भई मोरी राम मड़ईया कहाँ के भूप उतरे इत उत भटकत,चहुँ ओर खोजत मन में सोच करे का

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन। जन्मे अवध रघुरइया हो, सब

जन्माष्टमी, गरवा और नवजात शिशु के जन्म बधाई की खुशी में यह गीत/भजन भारत के गुजरात और उत्तर के राज्यों में बहुत लोकप्रिय हैं! आनंद

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया, सबको बहुत बधाई है, बहुत बधाई है, सबको बहुत बधाई है, जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया, सबको बहुत बधाई है

मेरो लाला झूले पालना, नित होले झोटा दीजो नित होले झोटा दीजो, नित होले झोटा दीजो मेरो लाला झूले पालना, नित होले झोटा दीजो नित

बधैया बाजे आँगने में, बधैया बाजे आँगने मे ॥ चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की, तोड़त ताने रागने में, बधैया बाजे आँगने मे ॥ प्रेम भरी प्रमदागन
