
लचकि लचकि आवत मोहन: भजन (Lachaki Lachaki Awat Mohan)
लचकि लचकि आवत मोहन, आवे मन भावे लचकि लचकि आवत मोहन, आवे मन भावे लचकि लचकि आवत मोहन मोहन अधर धरत मुरली, मोहन आधार धरत

लचकि लचकि आवत मोहन, आवे मन भावे लचकि लचकि आवत मोहन, आवे मन भावे लचकि लचकि आवत मोहन मोहन अधर धरत मुरली, मोहन आधार धरत

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा, श्याम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नन्दा, भजो रे मन गोविंदा, श्याम सुंदर मुख

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के देखा नहीं है ॥ कैसी घड़ी आज जीवन की आई । अपने ही

लागी लागी है लगन, म्हाने श्याम नाम की, भागी भागी म्हारे हिवड़े ने, यारी श्याम की, म्हारे नैणा के झरोखें में है, सूरत श्याम की,

नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो । और चरण हो राघव के, जहाँ मेरा ठिकाना हो ॥ हो त्याग भारत जैसा, सीता सी

नैनन में श्याम समाए गयो, मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो । नैनन में श्याम समाए गयो, मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो । लुट

श्यामा श्याम सलौनी सूरत को शृंगार बसंती है । किशोरी श्याम सलोनी सूरत को सिंगार बसंती है । मोर मुकुट की लटक बसंती चंद्रकला की
