
जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले: भजन (Jay Bajrangi Bole Vo Kabhi Na Dole)
बोले बोले रे जयकारा, जो बाबा का बोले, जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले, जय बजरंगी बोलें, वो कभी ना डोले ॥ केसरी नंदन

बोले बोले रे जयकारा, जो बाबा का बोले, जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले, जय बजरंगी बोलें, वो कभी ना डोले ॥ केसरी नंदन

बजरंग बाला बड़ा हो मतवाला, म्हे फेरा थारी माला, लागो हो मनभावना, आवो आवो नी, बालाजी म्हारे आंगणा ॥ सालासर सु दास पधारो, पूनरासर सु

सजा है प्यारा दरबार बाबा का, भक्तों ने मिलकर के किया है, श्रृंगार बाबा का, सजा हैं प्यारा दरबार बाबा का, लगे है न्यारा दरबार

मेरे बालाजी सरकार, के तो रंग निराले, दया द्रष्टि करते सब पर, मेहंदीपुर वाले है, मेरें बालाजी सरकार, के तो रंग निराले ॥ रूप रंग

मेरी चौखट पे चलके आज, चारों धाम आए है, बजाओ ढोल स्वागत में, मेरे घर राम आये है, कथा शबरी की जैसे, जुड़ गई मेरी

सूरज चंदा तारे उसके, धरती आसमान, दिन भी उसका रात भी उसकी, उसकी सुबह और शाम, राम की राम ही जाने राम ॥ संत जनो

॥श्री बजरंग बाण पाठ॥ ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ ॥ चौपाई
