
तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ – भजन (Tumhi Me Ye Jivan Jiye Ja Raaha Hoon)
तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥ तुम्हीं से चला करती प्राणों की धड़कन

तुम्हीं में ये जीवन जिए जा रहा हूँ जो कुछ दे रहें हो लिए जा रहा हूँ ॥ तुम्हीं से चला करती प्राणों की धड़कन

यह श्री रामअवतार स्तुति, भगवान श्री रामचंद्र के इस भूलोक पर आगम की एक सुंदर अनुभूति को दर्शित करती है। श्री रामअवतार स्तुति नवजात शिशु

कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार । कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार । हाथों में फूलों का दौना भी सोहे सुंदर गले

शुरू हो रही है राम कहानी, शुरू हो रही हैं राम कहानी, महिमा पुरानी वेद बखानी, तुलसी की वाणी, शुरू हो रही हैं राम कहानी

प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम । श्री राम, राम राम । श्री राम, राम राम । श्री राम, राम राम । जय

हम सांस ले रहे है, इस जान की बदौलत, और जान जिस्म में है, श्री राम की बदौलत हम सांस ले रहे हैं, इस जान

चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे, चोला माटी के हे हो, हाय चोला माटी के हें राम, एकर
