
लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगाली: भजन (Leke Pooja Ki Thali Jyot Man Ki Jagali)
लेके पूजा की थाली ज्योत मन की जगा ली तेरी आरती उतारूँ भोली माँ तू जो दे दे सहारा सुख जीवन का सारा तेरे चरणों

लेके पूजा की थाली ज्योत मन की जगा ली तेरी आरती उतारूँ भोली माँ तू जो दे दे सहारा सुख जीवन का सारा तेरे चरणों

जाना है मुझे माँ के दर पे, सुनो बाग के माली, मेरी माँ के लिए, माला पिरो दे अजब निराली, पहन जिसे खुश हो जाए,

सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो, चलो दर्शन पालो चल के । करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानियां ॥ गुफा के अन्दर, मन्दिर के अन्दर, माँ की

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ, दोनों मैया बड़ी प्यारी है । एक माता मेरी जननी है, एक जग की पालनहारी है ॥ मैं जननी

भगत पुकारे आज मावड़ी, आके लाज बचा जा ऐ, दुःख पावे है टाबर थारा, आके कष्ट मिटा जा ऐ, भक्त पुकारे आज मावड़ी, आके लाज

संसार ये छूटे चाहे प्राण ये छुटे, जबतक है जिंदगानी, मुझसे माँ नहीं रूठे, माँ नहीं रूठे, संसार यें छूटे चाहे प्राण ये छुटे ॥

माँ का नाम जपे जा हर पल, लागे ना कोई मोल रे, जय माता दी बोल रे तू, जय माता दी बोल रे ॥ माता
