
मैया मैं तेरी पतंग: भजन (Maiya Main Teri Patang)
मैया मैं तेरी पतंग, हवा विच उडदी जावांगी, मैया डोर हाथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी, मईया मैं तेरी पतंग, दाती मैं तेरी पतंग ॥

मैया मैं तेरी पतंग, हवा विच उडदी जावांगी, मैया डोर हाथों छड्डी ना, मैं कट्टी जावांगी, मईया मैं तेरी पतंग, दाती मैं तेरी पतंग ॥

हरी सिर धरे मुकुट खेले होरी कहाँ से आयो कुँवर कन्हैया हरी सिर धरे मुकुट खेले होरी कहाँ से आयो कुँवर कन्हैया कहाँ से आई

फाग* खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर । फाग खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर । घेर लई सब गली रंगीली, छाय रही

चटक रंग में, मटक रंग में, धनीलाल रंग में, गोपाल रंग में । श्याम रंग संग होली खेलत गोपाल, श्याम रंग संग होली खेलत गोपाल,

भोले बाबा तेरी क्या ही बात है, भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है, दूर होकर भी तू साथ है, दूर होकर भी तू साथ

ऐसो चटक मटक सो ठाकुर तीनों लोकन हूँ में नाय ऐसो चटक मटक सो ठाकुर तीनों लोकन हूँ में नाय तीनों लोकन हूँ में नाय

रास कुन्जन में ठहरायो, रास मधुबन में ठररायो, सखियाँ जोवे बाँट, साँवरो अब तक नहीं आयो रास कुंजन में ठहरायो ॥ राधा सोच करे मन
