
म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा: भजन (Mhara Ujjain Ka Maharaja Ne Khamma Re Khamma)
म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा, भक्तां लाडीला महाकाल जी ने, खम्मा रे खम्मा, खम्मा रे खम्मा घणी रे खम्मा, म्हारां उज्जैन का

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा, भक्तां लाडीला महाकाल जी ने, खम्मा रे खम्मा, खम्मा रे खम्मा घणी रे खम्मा, म्हारां उज्जैन का

शिव के रूप में आप विराजे, भोला शंकर नाथ जी ॥ श्लोक – सौराष्ट्रे सोमनाथं च, श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्, उज्जयिन्यां महाकाल, ओमकारम ममलेश्वरम्। परल्यां वैजनाथं च,

हे शिव भोले मुझ पर, दो ऐसा रंग चढ़ाय, रोम रोम मेरा शिव बोले, मन बोले नमः शिवाय ॥ हे शिव शंकर हे करुणाकर, हे

भजन करो मित्र मिला, आश्रम नरतन का । श्वास की सुमिरिनी है, मन को बना मनका ॥ भजन करो मित्र मिला, आश्रम नरतन का ।

राम नाम तू रटले बन्दे, जीवन है ये थोडा, दौडा जाये रे समय का घोडा, दौडा जाये रे समय का घोडा ॥ ना मेरा ना

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई…॥ ये तन है जंगल की लकड़ी, ये तन है जंगल

जय सीता राम की। जय राधे श्याम की ॥ राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी । हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥… x3 हरे
