
मैं काशी हूँ – भजन (Main Kashi Hoon)
मेरे तट पर जागे कबीर, मैं घाट भदैनी तुलसी की, युग युग से हर सर्जक बेटे, की माता हूँ मैं हुलसी सी वल्लभाचार्य तैलंग स्वामी

मेरे तट पर जागे कबीर, मैं घाट भदैनी तुलसी की, युग युग से हर सर्जक बेटे, की माता हूँ मैं हुलसी सी वल्लभाचार्य तैलंग स्वामी

श्री राम जी का मंदिर, सुन्दर बनाएँगे हम, सुन्दर बनाएँगे हम, मिलकर बनाएँगे हम, श्री राम जी का मंदिर, सुन्दर बनाएँगे हम ॥ देखेगी सारी

हनुमानजी स्तुति, जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय

है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे, है भोलेनाथ की शादी हम तो नाचेंगे ॥ पिया है भांग बजी है बीट, चढ़ी है मस्ती गायेंगे

चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ, चित्रकुट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम

पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया, पटना के घाट पर, हमहु अरगिया देब, हे छठी मइया, हम ना जाइब दूसर घाट,

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से प्यार करना सीखोजी
