
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता: भजन (Sab Milkar Mangal Gao Aaj Hai Jagrata)
सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता, तुम प्रेम से माँ को मनाओ, आज है जगराता ॥ जगराते में देखो गणपति आए है, संग

सब मिल कर मंगल गाओ, आज है जगराता, तुम प्रेम से माँ को मनाओ, आज है जगराता ॥ जगराते में देखो गणपति आए है, संग

श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है, मंदिर बनेगा रास्ता, आसान हो गया, श्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है ॥

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी, किस जगह तेरा जलवा नहीं है, तेरा जलवा कोई कोई देखे, हर किसी का मुकद्दर नहीं है, तेरा जलवा जलवा

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्, गोविन्दं भज मूढ़मते। संप्राप्ते सन्निहिते काले, न हि न हि रक्षति डुकृञ् करणे॥१॥ मूढ़ जहीहि धनागमतृष्णाम्, कुरु सद्बुद्धिमं मनसि वितृष्णाम्। यल्लभसे

मैया तू करती है पल में कमाल, मुझको भी करदे मैया तू मालामाल, आया हूँ दर पे तेरे मुझको संभाल, मुझको भी करदे मैया तू

गंगा के खड़े किनारे भगवान् मांग रहे नैया भगवान् मांग रहे नैया श्री राम मांग रहे नैया तुम कोन देश से आये, और कोन देश

मिल कहो गर्व से हिन्दू है हम, यह हिन्दूस्तान हमारा, था स्वामी जी का नारा, था स्वामी जी का नारा, है उस सपुत की सार्द
