
राम दरबार है जग सारा: भजन (Ram Darbar Hai Jag Sara)
राम दरबार है जग सारा, राम ही तीनो लोक के राजा, सबके प्रतिपाला सबके आधारा, राम दरबार हैं जग सारा ॥ राम का भेद ना

राम दरबार है जग सारा, राम ही तीनो लोक के राजा, सबके प्रतिपाला सबके आधारा, राम दरबार हैं जग सारा ॥ राम का भेद ना

राम पे जब जब विपदा आई, कौन बना रखवाला, राम पे जब जब विपदा आई, कौन बना रखवाला, मेरा बजरंग बाला, मेरा बजरंग बाला ।

सब कुछ मिला रे भोले, रहमत से तेरी तूने ही है सुनी इल्तिज़ा मेरी । बन के फ़कीर मैं चला राह में तेरी तू न

बम भोले बम भोले कैलाश का वासी, बम भोले मिलता है जो काशी, बम भोले धमारू पर नाचे झूम-झूम कर दूर उदासी, बम भोले मन

डाल रही वरमाला अब तो जानकी, धनुष तोड़ा शिव जी का, श्री राम जी ने, जनक नंदनी मन में हर्षा गई है, विधाता मेरी पूर्ण

भोले शंकर भोले, तुझे पूजे दुनिया सारी रे, तीनो लोक में भोले, तेरी महिमा न्यारी रे, भोले शंकर भोले, तुझे पूजे दुनिया सारी रे, दर्शन

तू महलों में रहने वाली मैं जोगी जट्टा धारी हूँ तेरा मेरा मेल मिले ना रहता अटल अटारी हूँ तू महलों में रहने वाली मैं
