
माँ मुराद कर पूरी: भजन (Maa Muraada Kar Poori)
माँ मुराद कर पूरी आस रहे ना अधूरी, तेरे दर से जाऊंगा झोली भर के, शेरोवाली माता देख ले, आया ऊँचे में पहाड़ तेरे चढ़

माँ मुराद कर पूरी आस रहे ना अधूरी, तेरे दर से जाऊंगा झोली भर के, शेरोवाली माता देख ले, आया ऊँचे में पहाड़ तेरे चढ़

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो, झुलाएगी पलकों के झूले में तुझको, बस एक बार माँ

गोपाल गोकुल वल्लभी, प्रिय गोप गोसुत वल्लभम, चरणारविन्द महम भजे, भजनीय सुर मुनि दुर्लभम् । चरणारविन्द महम भजे, भजनीय सुर मुनि दुर्लभम् ॥ बिनती सुनिए

हर बार मैं खुद को, लाचार पाती हूँ, तेरे होते क्यों दादी, मैं हार जाती हूँ, तेरे होते क्यो दादी, मैं हार जाती हूँ ॥

मेहराँ वालिया साइयाँ रखी चरना दे कोळ, रखी चरना दे कोल रखी चरना दे कोल, मेहराँ वालिया साइयाँ रखी चरना दे कौल मेरी फ़रयाद तेरे

तुम शरणाई आया ठाकुर तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे मन का संसा, जब ते दरसनु पाइआ ॥ तुम शरणाई आया ठाकुर अनबोलत

तू मेरा राखा, सबनी थाई तां भौ के हा काढा जी, तां भौ के हा काढा जी, तू मेरा राखा, सबनी थाई तां भौ के
