
तेरी करती रहूँ मैं चाकरी, वरदान यही मैं चाहूँ: भजन (Teri Karti Rahu Main Chakri Vardan Yahi Main Chahu)
तेरी करती रहूं मैं चाकरी, वरदान यही मैं चाहूँ, वरदान यही मैं चाहूँ, वरदान यही मैं चाहूँ, वरदान यही मैं चाहूँ, तेरी करती रहूँ मैं

तेरी करती रहूं मैं चाकरी, वरदान यही मैं चाहूँ, वरदान यही मैं चाहूँ, वरदान यही मैं चाहूँ, वरदान यही मैं चाहूँ, तेरी करती रहूँ मैं

कैसे भूलूंगा मैया मैं तेरा उपकार, ऋणी रहेगा तेरा, ऋणी रहेगा तेरा हरदम मेरा परिवार, कैसे भूलूँगा मैया मैं तेरा उपकार, कैसे भूलूँगा मैया मैं

मैया आवेगी मैया आवेगी, सांचे मन से याद करोगा, रुक ना पावेगी, मईया आवेगी मईया आवेगी ॥ बुलावे टाबरिया, या दौड़ी आवे है, आंसुड़ा भक्ता

मेरी भक्ति के बदले वचन देना, मुझे झुँझनु में अगला जनम देना ॥ रोज़ मुझे दर पे बुलाती तू रहना, हाथ मेरे सर पे फिराती

संकट में झुँझन वाली की, सकलाई देखि है, मेरे संग संग चलती, दादी की परछाई देखि है, मेरे संग संग चलती, दादी की परछाई देखि

मेरी नैया पार लगेगी, माँ खड़ी है तू उस पार, ना कोई माझी साथ में, ना हाथों पतवार ॥ जीवन रूपी नाव भवानी, चलती तेरे

मैया तुमसे मेरी, छोटी सी है अर्जी, मानो या ना मनो, आगे तेरी मर्जी, मावड़ी रखले तू, चरणों के पास ॥ मैं नित उठ के
