
तू प्यार का सागर है: भजन (Tu Pyar Ka Sagar Hai)
तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम । लौटा जो दिया तूने, चले जायेंगे जहां से हम । तू प्यार का

तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूँद के प्यासे हम । लौटा जो दिया तूने, चले जायेंगे जहां से हम । तू प्यार का

एक तमन्ना माँ है मेरी, दिल में बसा लूँ सूरत तेरी, हर पल उसी को निहारा करूँ, हर पल उसी को निहारा करूँ, मैया मैया

छोटी सी मेरी पार्वती, शंकर की पूजा करती थी, निर्जल रहकर निश्छल मन से, नित ध्यान प्रभू का धरती थी, छोटी सी मेरी पारवती, शंकर

तुझसा दयालु नहीं प्यारे, प्यारे प्यारे प्यारे ॥ श्रुति कहे जगत पिता है तू ही प्यारे, बन्यो यशोमति सूत प्यारे, प्यारे प्यारे प्यारे, तुझसा दयालु

जहाँ पे बिन मांगे, पूरी हर मन्नत होती है, माँ के चरणों में ही तो, वो जन्नत होती है, फीके लगते चाँद सितारे, फीके लगते

माँगा है मैने मैया से, वरदान एक ही, तेरी कृपा बनी रहे, जब तक है ज़िंदगी ॥ जिस पर भी माँ का हाथ था, वो

मेरी वैष्णो मैया, तेरी महिमा अपरम्पार, कलियुग में हर प्राणी के, कलियुग में हर प्राणी के, पापो का करो उद्धार, मेरी वैष्णो मईया, तेरी महिमा
