
बीच भंवर में फसी मेरी नैया: भजन (Beech Bhawar Mein Fasi Meri Naiya)
बीच भंवर में फसी मेरी नैया, तुम्ही हो खिवैया माँ, तुम्ही हो खिवैया ॥ तेरा ही भरोसा माँ, तेरा ही सहारा, तुम्ही को पुकारा माँ,

बीच भंवर में फसी मेरी नैया, तुम्ही हो खिवैया माँ, तुम्ही हो खिवैया ॥ तेरा ही भरोसा माँ, तेरा ही सहारा, तुम्ही को पुकारा माँ,

उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है । जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सोई पावत है ॥

मात भवानी अम्बे माँ, मेरी नैया भवर में है आ, तू संकट हर ले माँ, मात भवानी अम्बे रानी ॥ जब भी चला कोई लेके

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, मैया करादे मेरो ब्याह उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह जो नहीं

सुख-वरण प्रभु, नारायण हे! दु:ख-हरण प्रभु, नारायण हे! तिरलोकपति, दाता, सुखधाम, स्वीकारो मेरे परनाम, स्वीकारो मेरे परनाम, स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु!… मन वाणी में वो

हरि नाम नहीं तो जीना क्या अमृत है हरि नाम जगत में, इसे छोड़ विषय विष पीना क्या ॥ काल सदा अपने रस डोले, ना

मैं रूप तेरे पर, आशिक हूँ, यह दिल तो तेरा, हुआ दीवाना ठोकर खाई, दुनियाँ में बहुत, मुझे द्वार से, अब न ठुकराना हर तरह
