प्रभु! स्वीकारो मेरे परनाम: भजन (Prabhu Sweekaro Mere Paranam)

jambh bhakti logo

सुख-वरण प्रभु, नारायण हे!
दु:ख-हरण प्रभु, नारायण हे!
तिरलोकपति, दाता, सुखधाम,
स्वीकारो मेरे परनाम,
स्वीकारो मेरे परनाम,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु!…

मन वाणी में वो शक्ति कहाँ जो,
महिमा तुम्हरी गान करें,
अगम अगोचर अविकारी,
निर्लेप हो, हर शक्ति से परे,
हम और तो कुछ भी जाने ना,
केवल गाते हैं, पावन नाम ,
स्वीकारो मेरे परनाम,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु!…

आदि मध्य और अन्त तुम्ही,
और तुम ही आत्म अधारे हो,
भगतों के तुम प्राण प्रभु,
इस जीवन के रखवारे हो,
तुम में जीवें, जनमें तुममें,
और अन्त करें तुम में विश्राम,
स्वीकारो मेरे परनाम,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु!…

चरन कमल का ध्यान धरूँ,
और प्राण करें सुमिरन तेरा,
दीनाश्रय दीनानाथ प्रभु,
भव बंधन काटो हरि मेरा,
शरणागत के (घन)श्याम हरि,
हे नाथ, मुझे तुम लेना थाम,
स्वीकारो मेरे परनाम,
स्वीकारो मेरे परनाम, प्रभु!…

संसार ये छूटे चाहें प्राण ये छुटे: भजन (Sansar Ye Chhute Chahe Pran Ye Chhute )

श्री तुलसी षोडशकनाम स्तोत्रम् (Shri Tulasi Shodashakanam Strotam)

जिन पर कृपा राम करे: भजन (Jin Par Kirpa Ram Kare)

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment