हरि नाम नहीं तो जीना क्या – भजन (Hari Nam Nahi Too Jeena Kya)

jambh bhakti logo

हरि नाम नहीं तो जीना क्या
अमृत है हरि नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय विष पीना क्या ॥

काल सदा अपने रस डोले,
ना जाने कब सर चढ़ बोले।
हर का नाम जपो निसवासर,
अगले समय पर समय ही ना ॥

हरि नाम नहीं तो जीना क्या
अमृत है हरि नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय विष पीना क्या ॥

भूषन से सब अंग सजावे,
रसना पर हरि नाम ना लावे।
देह पड़ी रह जावे यही पर,
फिर कुंडल और नगीना क्या ॥

हरि नाम नहीं तो जीना क्या
अमृत है हरि नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय विष पीना क्या ॥

तीरथ है हरि नाम तुम्हारा,
फिर क्यूँ फिरता मारा मारा।
अंत समय हरि नाम ना आवे,
फिर काशी और मदीना क्या ॥

रास कुन्जन में ठहरायो - भजन (Raas Kunjan Me Thahrayo)

बोला प्रभु से यूँ केवट, यह विनती है सरकार: भजन (Bola Prabhu Se Yun Kevat Yah Vinati Hai Sarkar)

पापांकुशा एकादशी व्रत कथा (Papankusha Ekadashi Vrat Katha)

हरि नाम नहीं तो जीना क्या
अमृत है हरि नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय विष पीना क्या ॥

हरि नाम नहीं तो जीना क्या
अमृत है हरि नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय विष पीना क्या ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment