
हे गजानन पधारो: भजन (Hey Gajanan Padharo )
सिद्धिविनायक मंगलमूर्ति, विघ्नहरण सुखपाल जी, हे गजानन पधारो गौरी लाल जी, हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥ महिमा है अतिभारी चार भुजा धारी, एकदंत

सिद्धिविनायक मंगलमूर्ति, विघ्नहरण सुखपाल जी, हे गजानन पधारो गौरी लाल जी, हे गजानन पधारों गौरी लाल जी ॥ महिमा है अतिभारी चार भुजा धारी, एकदंत

पत राखो गौरी के लाल, हम तेरी शरण आये ॥ प्रथमे तुम्हे मनाए, हे संग्राम विजेता, पूजा करें तुम्हारी, है देवन के देवा, शीश झुकाऊं

गजानन आ जाओ एक बार, सभा में तुम्हें बुलाते है ॥ सबसे पहले हो तेरी पूजा, फिर काम बने बाबा दुजा, हो तेरी पूजा हो

गौरी के लाला हो, मेरे घर आ जाना, घर आँगन की ओ देवा, शोभा बढ़ा जाना, गौरी के लाला हों, मेरे घर आ जाना ॥

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥ इस धरती पर जन्म लिया

जय जय गणराज मनाऊँ, चरणों में शीश नवाऊं, जब तक सांसे हैं तन में, तेरा ही ध्यान लगाऊं, गजानन्द जी हमारे घर आओ, बुलाते है

गिरिजा के छैया, गणपति तुम्हे पुकारूँ, पूजूं मैं तुम्हे, आरती तेरी उतारूँ, गिरिजा के छैंया ॥ पान फूल मेवा से, चरणों की सेवा से, प्रथम
