हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है – RSS गीत (Hamako Apani Bharat Ki Mati Se Anupam Pyar Hai)

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हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है,
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥

इस धरती पर जन्म लिया था दसरथ नंन्दन राम ने,
इस धरती पर गीता गायी यदुकुल-भूषण श्याम ने ।
इस धरती के आगे झुकता मस्तक बारम्बार है ॥

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है,
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥

इस धरती की गौरव गाथा गायी राजस्थान ने,
इस पुनीत बनाया अपने वीरों के बलिदान ने ।
मीरा के गीतों की इसमें छिपी हुई झंकार है ॥

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है,
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥

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कण-कण मंदिर इस माटी का कण-कण में भगवान् है,
इस माटी से तिलक करो यह मेरा हिन्दुस्तान है ।
इस माटी का रोम रोम भारत का पहरेदार है॥

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है,
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥
हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है,
माटी से अनुपम प्यार है, माटी से अनुपम प्यार है ॥

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Sandeep Bishnoi

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