जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ
चारों धाम में सबसे बड़ा है ,जगन्नाथ धाम
जगन्नाथ भगवान की, महिमा अपरम्पार
भक्तों को दर्शन देते,करते उनके काम।
कर लो भक्तों ,जगन्नाथ का ध्यान बारंबार।
जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ
भज लो रे भक्तों जगन्नाथ को
तर जाओगे भव सागर पार।
तन मन जीवन अर्पण कर दो
प्रभु की , लीला अपरम्पार।
जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 1 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 1)
सावन भजन: आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी (Aai Bhagon Me Bahar Jhula Jhule Radha Rani)
दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी: भजन (Door Nagari Badi Door Nagri)
सात पुरियों में एक है ,जगन्नाथ पुरी धाम
जगन्नाथ के भात को ,जगत पसारे हाथ।
करलो भक्तों महाप्रभु के ,दर्शन बारंबार
जहां विराजे जगन्नाथ ,बलभद्र ,सुभद्रा साथ।
जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ








