नैनन में श्याम समाए गयो – भजन (Nainan Me Shyam Samay Gayo)

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नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।
मोरे कैल गरारे भाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥

नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

मर जाउंगी काहन तेरी अधरन पे,
मिल जाउंगी तेरे नैनन पे ।
वो तो तिर्शी नज़र चलाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥

नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,
तेरी बेसर की मोती छलकन पे ।
सपने में कहा पत्राए गायो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥

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नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

पागल को प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भाए है जाके सब ग्वाला ।
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गायो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ॥

नैनन में श्याम समाए गयो,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

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Sandeep Bishnoi

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