एक नज़र बस एक नज़र,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥
स्वांस की हर तार पर,
कृष्ण तेरा नाम है,
मैं जिधर देखु तुझे,
तू ही तू घनश्याम है,
इस जगत के तू बंधनो से,
तू हमे उद्धार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥
हर समय चिंतन तुम्हारा,
हर समय तेरा भजन,
खोजते रहते है तुमको,
हर पहर मेरे नयन,
और ना प्रभु देर कर तू,
हमको तू दीदार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥
मै पुजारी हूँ तुम्हारा,
जन्मो जन्मो तक रहूं,
इस जगत के बंधनों में,
ना कभी फस कर गिरू,
मै रहू बन कर तुम्हारा,
ऐसा वर सरकार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥
तू दिखादे सांवरी
सूरत हमे ओ सांवरे,
खोजते रहते है तूझको,
मेरे नैना बाबरे,
कब तलक तरसेगा ‘राजेन्द्र’
तू हमे दिदार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥
ऋण विमोचन नृसिंह स्तोत्रम् (Rina Vimochana Nrisimha Stotram)
यदि नाथ का नाम दयानिधि है: भजन (Yadi Nath Ka Naam Dayanidhi Hai)
एक नज़र बस एक नज़र,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥
आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी








