एक नज़र बस एक नज़र, हम पे मोहन वार दे – भजन (Ek Nazar Bas Ek Nazar Hum Pe Bhi Mohan Vaar De)

jambh bhakti logo

एक नज़र बस एक नज़र,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥

स्वांस की हर तार पर,
कृष्ण तेरा नाम है,
मैं जिधर देखु तुझे,
तू ही तू घनश्याम है,
इस जगत के तू बंधनो से,
तू हमे उद्धार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥

हर समय चिंतन तुम्हारा,
हर समय तेरा भजन,
खोजते रहते है तुमको,
हर पहर मेरे नयन,
और ना प्रभु देर कर तू,
हमको तू दीदार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥

मै पुजारी हूँ तुम्हारा,
जन्मो जन्मो तक रहूं,
इस जगत के बंधनों में,
ना कभी फस कर गिरू,
मै रहू बन कर तुम्हारा,
ऐसा वर सरकार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥

तू दिखादे सांवरी
सूरत हमे ओ सांवरे,
खोजते रहते है तूझको,
मेरे नैना बाबरे,
कब तलक तरसेगा ‘राजेन्द्र’
तू हमे दिदार दे,
एक नजर बस एक नजर,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥

लल्ला की सुन के मै आयी यशोदा मैया देदो: बधाई भजन (Lalla Ki Sun Ke Mai Aayi Yashoda Maiya Dedo Badhai)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 14 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 14)

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani)

एक नज़र बस एक नज़र,
हम पे मोहन वार दे,
ज़िन्दगी की डगमगाती,
मेरी नैया तार दे ॥

आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment