चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,
चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
बचपन भी जाए जवानी भी जाए,
बुढ़ापे का होगा असर धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥
तेरे हाथ पावों में बल ना रहेगा,
झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥
शिथिल अंग होंगे एक दिन तुम्हारे,
फिर मंद होगी नज़र धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥
बुराई से मन को अपने हटाले,
सुधर जाए तेरा जीवन धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥
गौरी नंदन तेरा वंदन, करता है संसार: भजन (Gauri Nandan Tera Vandan Karta Hai Sansar)
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,
चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥








