बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी,
कमाल कर गई जी कमाल कर गई,
कमाल कर गई जी कमाल कर गई,
मुरली वाले तेरी मुरली कमाल कर गई ॥
बंसी बजाकर के चित को चुरावे,
चित को चुराकर दीवाना बनावे,
ये ग्वालियो की टोली धमाल कर गई,
बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गई ॥
पूनम की रतियाँ झमाझम पानी,
दुल्हन सी सज गई है धरती सुहानी,
यमुना की धारा निहाल कर गई,
बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गई ॥
ललिता भी नाचे विशाखा भी नाचे ,
सखियों के बीच राधा माधव भी नाचे,
‘नंदू’ ये मस्ती निहाल कर गई,
बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गई ॥
साखी विष्णु विसार मत जाई ये प्राणी,मिनखा देही है अनमोली,जग में दातार बड़ों
गंगा के खड़े किनारे, भगवान् मांग रहे नैया: भजन (Ganga Ke Khade Kinare Bhagwan Mang Rahe Naiya)
श्री तुलसी स्तोत्रम् (Shri Tulsi Stotram)
बंसी वाले तेरी बांसुरी कमाल कर गयी,
कमाल कर गई जी कमाल कर गई,
कमाल कर गई जी कमाल कर गई,
मुरली वाले तेरी मुरली कमाल कर गई ॥








