तुम भी बोलो गणपति,
और हम भी बोले गणपति ॥
दोहा – मेरे गणराज गर नजरे करम,
इक बार हो जाए,
गमे दौरा की जो कोशिश है,
वो बेकार हो जाए,
मेरे सरताज,
कदमों में जगह दो मुझे,
जमी का एक जर्रा हूँ,
नजर सरकार हो जाए ॥
मानिये पहले गजानन,
गजवदन हे गणपति,
जिसने भी दिल से पुकारा,
दुखहरण हे गणपति,
जिसने भी दिल से पुकारा,
दुखहरण हे गणपति,
तुम भी बोलो गणपति,
और हम भी बोले गणपति ॥
ये रिद्धि सिद्धि के दाता,
सुमन गौरा के प्यारे है,
सुमन गौरा के प्यारे है,
ये गरीबो के है आका,
नयन गौरा के प्यारे है,
नयन गौरा के प्यारे है,
परमपिता भोले शंकर,
चरण गौरा के प्यारे है,
चरण गौरा के प्यारे है,
ब्रम्हा विष्णु महेश ने नमन,
गौरा के प्यारे है,
नमन गौरा के प्यारे है,
मूसा वाहन में जो रहते मगन,
गौरा के प्यारे है,
सभी देवो में जो पहले रतन,
गौरा के प्यारे है,
हर एक घर में जो करदे अमन,
गौरा के प्यारे है,
बड़े पावन है ये गौरा ललन,
गौरा के प्यारे है ॥
काम संवर जाएंगे,
मंगलाचरण हे गणपति,
सारी दुनिया में जो पहले,
शुभ लग्न हे गणपति,
तुम भी बोलों गणपति,
और हम भी बोले गणपति ॥
सीता कल्याण वैभोगमे (Seetha Kalyana Vaibhogame)
आरती: भगवान श्री शीतलनाथ जी (Arti Bhagwan Shri Sheetalnath Ji)
संकटा माता व्रत कथा (Sankata Mata Vrat Katha)
मेरे भगवान गणपति,
मेरे भगवान है गजधर,
मेरे गुणवान गणपति,
मेरे गुणवान है गजधर,
मेरे गुरु ज्ञान गणपति,
मेरे गुरु ज्ञान है गजधर,
मेरे धनवान गणपति,
मेरे धनवान है गजधर,
मेरे बलवान गणपति,
मेरे बलवान है गजधर,
मेरे महान गणपति,
मेरे महान है गजधर।
सारे ही जग के लिए,
तारण तरण है गणपति,
जिंदगी के मोड़ पे,
जो है मिलन है गणपति,
तुम भी बोलों गणपति,
और हम भी बोले गणपति ॥
मानिये पहले गजानन,
गजवदन हे गणपति,
जिसने भी दिल से पुकारा,
दुखहरण हे गणपति,
जिसने भी दिल से पुकारा,
दुखहरण हे गणपति,
तुम भी बोलो गणपति,
और हम भी बोले गणपति ॥








